सोते समय गर्दन में दर्द क्यों होता है?HealthPlanet

Posted on Tue 6th Dec 2022 : 15:27

पीठ-गर्दन और कंधे के दर्द से हैं परेशान, तो इस पोजीशन में सोने पर मिलेगा आपको बड़ा आराम

यदि कंधे, गर्दन और पीठ में दर्द के कई कारण आपको नींद नहीं आती, तो आपको अपनी स्लीपिंग पोजीशन , तकिए और गद्दों को बदलने की कोशिश करनी चाहिए।
​
रात की अच्छी नींद नियमित व्यायाम और स्वस्थ आहार जितनी ही जरूरी होती है। लेकिन कई लोगों को कंधे, पीठ और गर्दन का दर्द ठीक से सोने नहीं देता। सोने में तकलीफ होती है। यहां तक की एक बार लेट जाएं, तो गर्दन हो या कंधे हिलाना मुश्किल हो जाते हैं। यह स्थिति दर्दनाक तो होती ही है, साथ ही नींद भी बुरी तरह से डिस्टर्ब हो जाती है।

वैसे तो दर्द आमतौर पर जल्दी ठीक हो जाता है, लेकिन अगर दर्द की स्थिति लगातार बनी हुई है, तो कुछ तरीके हैं, जिन्हें अपनाकर आप इस समस्या से राहत पा सकते हैं। यहां हम आपको कुछ ऐसी ही 8 स्लीपिंग टिप्स बता रहे हैं, जो आपके कंधे, गर्दन और पीठ के दर्द को करने में मदद करेंगे।

​एक अलग तकिए का प्रयोग करें
कई बार सुबह जागने के बाद गर्दन में दर्द महसूस होता है। इसके लिए दोषी है आपका तकिया। वास्तव में आप जिस तकिए पर सो रहे हैं, हो सकता है वही आपके गर्दन में दर्द का कारण हो। ऐसे में तकिया लगाना बैक स्लीपर्स के लिए बेहतर है, जबकि पेट के बल सोने वालों को पतला या फिर तकिया बिल्कुल नहीं लगाना चाहिए। जो लोग करवट लेकर सोते हैं, उनके लिए मोटा और मजबूत तकिया अच्छा है। इस तरह के दर्द से न गुजरना पड़े, इसलिए अपनी स्लीपिंग पोजीेशन के अनुसार सही तकिया चुनें।

रात में चादर से एक पैर बाहर निकालते ही क्यों आ जाती है झटपट नींद, जानें इस ट्रिक पर क्या कहता है विज्ञान
​पीठ के नीचे तौलिया रखें

बैक स्लीपर्स यानी पीठ के बल सोने वाले लोगों को अपनी रीढ़ को बेहतर बनाने के लिए इस तरीके को अपनाना चाहिए। अगर सोते समय आपको पीठ दर्द से गुजरना पड़ता है, तो पीठ के नीचे तौलिया को रोल करके सोएं। इससे दर्द में बहुत आराम मिलेगा और आप अच्छी नींद ले पाएंगे।
​घुटनों के बीच , पेल्विस के नीचे एक तकिया लगाकर सोएं

यदि आप साइड स्लीपर हैं, तो आपको एक ऐसे तकिए का इस्तेमाल करना चाहिए जो आपकी गर्दन और सिर को आराम दे। हालांकि घुटनों के बीच दूसरा तकिया रखकर सोने से भी आपको बहुत राहत मिलेगी। एक एक्स्ट्रा तकिया आपकी रीढ़ और कूल्हों को बेहतर स्थिति में रखने में मदद करता है, जिससे पीठ में दर्द की संभावना बहुत कम बनती है। अगर आप उन लोगों में से हैं, जो पेट के बल सोते हैं, तो कोशिश करें कि पेल्विस के नीचे एक बहुत ही नरम और पतला तकिया लगाकर सोएं। इससे नींद जल्दी आएगी और दर्द में भी आराम मिलेगा।
​सख्त गद्दे पर सोएं

कंधे, गर्दन या फिर पीठ में दर्द होने की एक वजह आपका तकिया ही नहीं, बल्कि गद्दे भी हो सकते हैं। जी हां, मुलायम गद्दों पर सोने से अक्सर लोगों को दर्द की शिकायत होती है। दरअसल, इन गद्दों पर लेटकर बॉडी एकदम सीधी पोजीशन में नहीं रह पाती, जिससे पीठ में दर्द होने लगता है। इसलिए सोने के लिए हमेशा सख्त गद्दों का इस्तेमाल करना चाहिए। अगर आपके पास बजट नहीं है, तो नेशनल स्लीप फाउंडेशन गद्दे के नीचे कुछ लकड़ी के तख्त या प्लाईवुड के टुकड़े लगाने का सुझाव देता है।
​कंधे में दर्द के लिए छोटा तकिए का करें उपयोग

कई लोगों को सोकर उठने के बाद दर्द के कारण कंधे हिलाने में कठिनाई होती है। अगर आपके साथ भी ऐसा बार-बार होता है, तो आपको कंधों के नीचे छोटा तकिया लगाकर सोने की जरूरत है। पीठ के बल लेट जाएं और कंधे के नीचे छोटा तकिया रखें। या फिर गर्दन के जिस तरफ दर्द है, उसकी विपरीत दिशा में सोने की कोशिश करें। कंधे के दर्द से छुटकारा पाने का यह सबसे आसान तरीका है।
​स्लीप हाइजीन का ध्यान रखें

यदि अपनी स्लीपिंग पोजीशन और तकिये को बदलने के बाद भी दर्द से राहत न मिले, तो आपको अपनी स्लीप हाइजीन पर ध्यान देना होगा। मतलब क्या आप गर्म कमरे में सो रहे हैं, क्या आप शाम को शराब या कॉफी पीते हैं, क्या आप बिस्तर पर बैठे हुए स्मार्टफोन से चिपके हैं। अगर इन सभी सवालों का जवाब हां है, तो हो सकता है आप अनजाने में अपनी रात की नींद लेने की अपनी क्षमता को खराब कर रहे हों। इसलिए हो सके, तो सोने से कुछ देर पहले इन चीजों को इग्रोर करें और अच्छी नींद लेेने की कोशिश करें।
​संदेह हो, तो झुककर सोएं

यदि आप सारे तरीके अपना चुके हैं और अभी भी दर्द का सामना कर रहे हैं, तो आपको झुककर सोना पड़ सकता है। स्वस्थ रीढ़ की हड्डी को बनाए रखने के लिए बहुत से लोग एडजस्टेबल बेड पर सोना पसंद करते हैं। ध्यान रखें कि ये विकल्प आपको तभी चुनना है जब सारे उपाय फेल हो जाएं।
​फिजियो थैरेपिस्ट ढूंढें

यदि गर्दन के दर्द से बचने के लिए किए गए उपाय कुछ खास कमाल नहीं दिखा रहे, तो थैरेपिस्ट से संपर्क करने का समय आ गया है। वह आपकी गर्दन को सपोर्ट देने वाली मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए कुछ थैरेपी बता सकता है। जिससे पीठ और कंधे के दर्द से तुरंत निजात मिल जाएगी।

गर्दन, कंधों और कमर का ये दर्द हैं Ankylosing Spondylitis बीमारी के संकेत, जानें कैसे करे बचाव

जब मांसपेशियों, जोड़ों और हड्डियों में दर्द की बात हो, तो नींद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि आपको दर्द के साथ सोने में परेशानी होती है, तो कुछ दर्दरहित नींद की स्थिति पर ध्यान दें। इसके अलावा अपने तकिए और गद्दों को भी बदलने पर विचार करना चाहिए।

solved 5
wordpress 3 years ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author -> Poster Name

Short info